RASAHAR KENDRA

लौटें प्रकृति की ओर। बचे कृत्रिमता से। प्राकृतिक आहार-रसाहार। जीवनी शक्ति बढ़ाने वाला रोग शमन करने वाला आहार। कुपोषण का सस्ता विकल्प। आहार से चिकित्सा एवं स्वास्थ।

श्रीराम स्मृति उपवन में माता भगवती प्राकृतिक आहार केंद्र की भी स्थापना की जाती  है । जिसमे विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक रस एवं अंकुरित अन्न उपलब्ध होते है । उपलब्ध रस
उपलब्ध रसों के बारे में जानकारी निम्नानुसार है -

जवारा रस - "धरती का अमृत-संजीवनी रस"
  • मानव के लिये सम्पूर्ण औषधि है।
  • यह प्रकृति दत्त हरा रक्त है, जो हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है।
  • मनुष्य की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है।
  • पाचन - क्रिया तेज करता है।
  • लीवर में जमें हुए विष को साफ करता है।
  • थायराइड ग्लैंड को उत्तेजित कर मोटापा कम करता है।
  • नियमित सेवन कैंसर को रोकता है।
  • इसमें पाया जाने वाला B - 17 विटामिन कैंसर ठीक करता है ।
  • लगातार लेते रहने से हृदय रोग का खतरा नहीं रहता है।
  • उच्च रक्तचाप सामान्य करता है।
  • बुढ़ापे को रोकता है लटकती ढीली त्वचा में कसाव लाता है।
  • यह महिलाओं के मासिक चक्र को नियमित करता है।
  • अल्सर डायरिया और कई पाचन संबंधी बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं।
  • इसके नियमित सेवन से बीमार व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है तथा स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार नहीं पड़ता है।

आँवला रस - ‘‘प्रकृति से प्राप्त अमृत फल’’
  • त्रिदोष नाशक है व शरीरगत समस्त विकारों को दूर करने में सक्षम है।
  • यह केश वर्द्धक एवं बालों में चमक पैदाकर गंजापन दूर करता है।
  • आँखों की ज्योति बढ़ाकर नेत्रों के सभी रोगों को दूर करता है।
  • शरीर का कायाकल्प कर नवयौवन प्रदान करता है।
  • मूत्र संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी है।
  • लगातार पीने से बाँझपन दूर होता है ।
  • वीर्य की कमजोरी दूर होकर वीर्य में शुक्र की वृद्धि होती है।
  • बहरेपन को दूर करने की अचूक दवा है।
  • यह कब्ज, रक्त विकार, मंदाग्रि, रक्तश्राव, पीलिया, मधुमेह, ऐसीडिटी, शारीरिक जलन, अल्सर रोग में अत्यंत लाभकारी है। 

टमाटर रस - ‘‘टमाटर खाओं और टमाटर की तरह लाल हो जाओं’’

  • रक्त में लाल रक्त कण (R.B.C.)  बढ़ाता है।
  • पाचन शक्ति व भूख बढ़ाता है।
  • किडनी के रोग दूर होते है। रक्त शोधक है।
  • आयुवर्द्धक व शक्तिवर्द्धक है।
  • शरीर से रोग जनक पदार्थों को निकालने एवं नवीन शक्तिशाली कोषों को उत्पन्न करता है।
  • बुखार की गर्मी शांत कर प्यास बुझाता है।
  • मुँह के छाले दूर करता है। इसके नियमित सेवन से पीलिया, कब्ज, बवासीर, मन्दाग्रि, स्कर्वी, लीवर के रोग एवं पुराना बुखार दूर होता है।

लौकी रस

  • अनेक औषधीय गुण हैं। यह हृदय को बल प्रदान करता है।
  • हृदय रोगी, रक्तचाप रोगियों के लिये अत्यंत लाभकारी है। पित्त को शान्त करता है।
  • मूत्र रूकावट को दूर कर मूत्र की जलन शान्त करता है।
  • लीवर की खराबी, पीलिया, अनिद्रा, कान दर्द, नेत्र रोग, मधुमेह आदि रोगों में लौकी रस अत्यंत लाभकारी है।

पालक रस - ‘‘रक्त शोधक - रक्तवर्द्धक लौह तत्व से भरपूर’’
  • रक्त की अम्लता को  कम करता है।
  • खून की कमी को दूर रता है।
  • पीलिया रोग में अत्यंत लाभकारी है।
  • कब्ज को दूर करता है।
  • कफ व दमा को दूर करता है।
  • शरीर के विषैले पदार्थ नष्ट करता है।
  • यह रेचक और रक्त शोधक है।
  • पालक आमाशय का झाडू और आँतों का अच्छा सफाई कर्मचारी है।
  • शरीर की रोग-निरोधक शक्ति बढ़ाता है।
  • चेहरे को सुंदर बनाता है।
  • यह मधुमेह, जवर, फेफड़ों के रोग, मोटापा, दाँतों व मसूड़ों के रोग, रतौंधी, कब्ज, सूखा-रोग आदि में गुणकारी है।

करेला रस

  • स्वाद में कड़वा होते हुए भी शरीर के लिये मिठास भरा है, क्योंकि इसे खाने से अनेक रोग नष्ट हो जाते है।
  • मधुमेह के रोगियों के लिये रामवाण औषधि है। इसके नित्य सेवन से मधुमेह रोगियों को आवश्यक विटामिन और खनिज प्राप्त होते है व शरीर हष्ट - पुष्ट होता है।
  • यह पेट के लिए बहुत लाभदायक है इससे पित्त शान्त होने के साथ-साथ कब्ज भी दूर होता है।
  • यह खूनी बवासीर, हैजा, पीलिया, गठिया, रक्त व चर्मरोग, दमा आदि रोगों में लाभकारी है।

ऐलोवेरा रस

  • शरीरगत समस्त रोगाणु बाहर निकल जाते है व पूर्ण आरोग्य प्राप्त होता है।
  • यह एंटी इन्फलॉमेट्री  व एन्टी एलर्जीक है बिना साइड इफेक्ट्स के सूजन और दर्द मिटाता है तथा ऐलर्जी से उत्पन्न रोगों को दूर करता है।
  • पेट के विभिन्न रोग गैस, बदहजमी, दर्द, कब्ज को दूर करता है।
  • यह शरीर की ऐंटिबायोटिक (रोग प्रतिरोधक) क्षमता को बढ़ाता है।
  • शरीर में उ त्पन्न घावों को भरता है। मधुमेह के असाध्य घावों को भरने में विशेष लाभकारी है।
  • रक्त के प्रवाह को नियमित करता है।
  • मधुमेह रोग को समाप्त कर देता है।
  • यह हृदय की कार्यक्षमता बढ़ाता है व उसे मजबूती प्रदान करता है।
  • रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को सामान्य करता है।
  • यह लीवर , किडनी के विकारों को दूर करता है व शरीर के विषैले तत्वों (Toxic Matter) को बाहर निकालता है।
  • H.I.V. के संक्रमण को रोकता है ।  
  • असाध्य चर्मरोग सोराऐसिस को ठीक करता है।
  • ग्वार पाठे में कैंसर को समाप्त करने की अपार शक्ति है, यह कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्वों को रोकता है। कैंसर पीडि़त कोशिकाओं को ठीक करता है।
  • इसमें 20 ऐमीनो ऐसिड्स पाये जाते है। इनकी उपस्थिति से शरीर में सेल्स व टिश्यू बनते है।

शहद, नीबू व पानी

  • रक्त में हिमोग्लोबिन की शीघ्रता से वृद्धि होती है।
  • शहद में उपस्थित ग्लूकोज रक्त प्रवाह में मिलकर हृदय की मांसपेशियों को ताकत एवं ऊर्जा प्रदान करता है। 
  • यह शरीर को चुस्त, सुडौल व शक्ति शाली बनाता है।
  • यह रक्त के केलोस्ट्रोल की मात्रा घटाता है।
  • लीवर को मजबूत बनाकर पाचन क्रिया ठीक करता है।
  • मोटापा दूर होकर अतिरिक्त चर्बी समाप्त होती है
  • ब्लड प्रैशर में अत्यंत लाभदायक है।
  • यह पेट की पुरानी से पुरानी बीमारी को ठीक कर देता है।
  • इसके सेवन से टायफाइड के कीटाणु नष्ट हो जाते है।
  • टी.बी. के रोगी की शारीरिक कमजोरी दूर होती है व वजन बढ़ता है।
  • नेत्रों की ज्योति बढ़ती है।

गाजर रस
  • गाजर अत्यंत पुष्टिकारक है क्योंकि इसमें प्रोटीन, वसा, रेशा, कैल्शियम, फॉस्फोरस , लोह, विटामिन ए.बी.सी व केरोटिन पर्याप्त मात्रा में होता है।
  • यह नेत्र ज्योति को बढ़ाता है।
  • यह त्वचा की क्रांति व सौंदर्य को बढ़ाता है।
  • पेट के कीड़े नष्ट करता है।
  • पीलिया में इसका नियमित सेवन अत्यंत उत्तम है।
  • यह कैंसर को नियंत्रित करने में सहायक है।

नारियल दूध
  • इसके नियमित सेवन से प्रोटीन की पूर्ति होती है व बच्चों का सूखा रोग व टी.बी. नष्ट होती है ।
  • पेट के कीड़े बाहर निकालता है ।
  • सूर्ख खाँस, गले की जलन, सीने का दर्द व पेचिस में लाभकारी है।

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